शिव भांग

क्या शिवजी सच में नशेड़ी हैं ?

क्या शिवजी सच में चरस, गांजा, भांग आदि के नशे में पड़े रहते हैं ? सोशल मिडिया पर ये एक आम मान्यता है कि शिवजी नशेड़ी हैं, चरस, गांजा, भांग आदि समुचित मात्रा में लिया करते हैं और इसी मनगढ़ंत बात को आधार बना कर, शिव जी के कुछ ऐसे फोटो भी कुछ वर्षों में…

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image कर्मेन्द्रियाँ और ज्ञानेन्द्रियाँ क्या हैं ? - योग 2

कर्मेन्द्रियाँ और ज्ञानेन्द्रियाँ क्या हैं ? – योग 2

योग – 2 पहले भाग में बताया था कि योग मतलब जोड़ना (भाग १) | अंदर से बाहर को जोड़ना ही योग है | जब हम पार्क में कुछ करने जाते हैं तो यदि हम अंदर से बाहर को नहीं जोड़ रहे हैं, तो वो कुछ भी हो सकता है, पर योग नहीं हो सकता…

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दीपक क्यों जलाते हैं ?

दीपक क्यों जलाना चाहिए ? क्या आपने कभी भगवन को अपने सामने भोग लगाते हुए देखा है ? कभी सोचा है हम घी का दीपक क्यों जलाते हैं, मंदिर में ? रौशनी के लिए ? ईश्वर को प्रकाश दिखाने के लिए ? क्या ये संभव है कि हम दीपक से, दिन में भगवान् को रौशनी…

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शून्य

मंडन 4 – शून्य को किसने खोजा ?

*मंडन 4 – शून्य की खोज किसने की, इस वायरल पोस्ट का सच* हमारे पास सोशल मिडिया में घूमती एक वायरल पोस्ट आई थी | इस पोस्ट में शून्य के विषय में कुछ बातें लिखी थी |पहले आप वो वायरल पोस्ट पढ़ें और फिर उसके बाद हमारा उस पोस्ट पर क्या दृष्टिकोण हैं, उसे पढ़ें…

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भविष्यवाणी ज्योतिष ज्योतिषी

ज्योतिषी की भविष्वाणी कितनी सही 0 प्रतिशत या 100 ?

ज्योतिषी की भविष्यवाणी, सही या गलत ? आपने किसी को कुंडली दिखाई और उसने कहा कि फलाने फलाने साल में आपके ऊपर संकट आएगा, आपको कष्ट होगा, आपकी नौकरी जा सकती है, आपका एक्सीडेंट हो सकता है, आपका धन खर्च हो जाएगा आदि | और आप हो गए परेशान कि अरे यार ! आने वाला…

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कलियुग

कैसा होगा कलियुग ?

कलियुग की प्रवृत्ति का वर्णन कलेर्दोषेनिवेश्चैव शृणु चैकं महागुणं |यदल्पेन तु कालेन सिद्धि गच्छति मानवाः || (1)त्रेतायां वार्षिको धर्मो द्वापरे मासिकः स्मृतः |यथा क्लेशं वरन प्राश्स्तहा प्राप्यते कलौ ||  (2)दुगत्रयेण तावन्तः सिद्धि गच्छन्ति पार्थिव |यावन्तः सिद्धिमाद्यन्ति कलौ हरिहर्व्रताः || (3) अब कलियुग की प्रवृत्ति सुनो | कलियुग में तमोगुण से व्याकुल इन्द्रियों वाले मनुष्य माया,…

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श्राद्ध

श्राद्ध में चढ़ाए पिंड और जल को पूर्वज कैसे ग्रहण करते हैं ?

श्राद्ध के विषय में, नारद जी और अर्जुन का संवाद नारद जी कहते हैं – अर्जुन ! इसके बाद राजा करन्धम ने महाकाल से पूछा – भगवन ! मेरे मन में सदा ये संशय रहता है की मनुष्यों द्वारा पितरों का जो तर्पण किया जाता है, उसमें जल तो जल में ही चला जाता है;…

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शिव कालभीति

कालभीति का शिवजी से वाद-विवाद

शुद्ध और अशुद्धता पर कालभीति का शिव जी से वाद-विवाद न जायते कुलम यस्य बीजशुद्धि बिना ततः |तस्य खादन पिबतृ वापि साधुः सांदति तत्क्षणात् || कालभीति एक बिल्व वृक्ष के नीचे एक पैर के अंगूठे के अग्र भाग पर खड़े हो मंत्रों का जाप करने लगे | जाप  का नियम ग्रहण करने के पश्चात वे सौ…

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maxresdefault 1 पाप प्रवृत्ति तो आश्चर्य का विषय है

पाप प्रवृत्ति तो आश्चर्य का विषय है

परस्त्री सम्बन्ध पाप से क्या हानि मस्तकस्थापिनम मृत्युम यदि पश्येदयम जनः । आहारोअपि न रोचते किमुताकार्यकारिता ।।अहो मानुष्यकं जन्म सर्वरत्नसुदुर्लभम । तृणवत क्रियते कैश्चिद योषिन्मूढ़ेर्नराधमै ।। सन्दर्भ – जब अर्जुन पांच तीर्थों में स्नान  करने के लिए गए और जब उन्होंने पांच ग्राहों को श्राप मुक्त कराया और उन पांचो सुंदर स्त्रियों से ग्राह्स्वरूप में श्रापग्रस्त…

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खंडन 16 – वैदिक मन्त्र का विकृतिकरण करने वाले वायरल पोस्ट का खंडन

खंडन 16 आज ये फोटो हमारे पास खंडन के लिए आया, बड़ा आश्चर्य हुआ कि लोग किस हद तक जा सकते हैं, झूठ फैलाने के लिये | अपने ही मन से, कुछ भी अंड बंड लिख कर, उसके आगे, अर्थ के नाम पर कुछ भी बकवास लिख कर लोग, सोशल मिडिया पर फैला रहे हैं…

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