tark shastra 3.0 प्रत्यक्ष प्रमाण के भेद, बिना इन्द्रियों के भी प्रत्यक्ष ज्ञान कैसे संभव ?

प्रत्यक्ष प्रमाण के भेद, बिना इन्द्रियों के भी प्रत्यक्ष ज्ञान कैसे संभव ?

अमूमन लोग प्रत्यक्ष प्रमाण को ही सबसे बड़ा प्रमाण मानते हैं | प्रत्यक्ष अर्थात जो आँखों के सामने हो अथवा इन्द्रियों के सामने हो, उसे प्रत्यक्ष प्रमाण कहते हैं | पर क्या बिना इन्द्रियों के भी प्रत्यक्ष प्रमाण होता है ! क्या तर्कशास्त्र, बिना इन्द्रियों के जुड़े भी प्रमाण को मानता है ! जी हाँ…

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आलसी होने की आदत का हल – बली बुध

आप सभी ने देखा होगा कि कुछ लोग आलसी होते हैं, उन्हें आराम या खाली बैठना या सोना बहुत प्रिय होता है । ऐसे ही कुछ लोग होते हैं, जो एकदम खाली नहीं बैठते, बहुत मेहनत करते हैं, लगातार किसी न किसी काम में जुटे रहते हैं और आवश्यकता से अधिक नहीं सोते हैं ।…

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कृष्ण या कृष्णा ? क्या सही है ?

कृष्ण और कृष्णा आज बहुत से फ़ॉर्वर्डेड मैसेज और जन्माष्टमी मैसेज में देख रहा हूँ कि बहुत से लोग, कृष्ण के स्थान पर कृष्णा शब्द का प्रयोग कर रहे हैं | हम धार्मिक तो हैं, धर्म को फॉलो भी कर रहे हैं पर शब्दों में बड़ी लापरवाही कर रहे हैं | कृष्ण शब्द का अर्थ…

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चुपड़ी रोटी से भगवान् विष्णु की कृपा

चुपड़ी रोटी से भगवान् विष्णु की कृपा – राजा चोल और विष्णुदास की कथा

चुपड़ी रोटी से भगवान् विष्णु की कृपा आजकल बहुत से लोग कहते हैं, कि परोपकार करो, दान करो, मदद करो या हवन आदि करने से ईश्वर की प्राप्ति होती है | पर क्या ये सही है ? ईश्वर की प्राप्ति के बहुत सारे रास्ते बताये गए हैं, किन्तु आजकल लोग भ्रमित हैं कि कैसे प्राप्ति…

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चिंता से मुक्ति

चिंता से मुक्ति कैसे पाएं, आसान उपाय – #शास्त्रज्ञान

मनुष्य जीवित है तो चिंता अवश्य होगी ! ऐसा कोई मनुष्य नहीं हो सकता, जिसे चिंता नहीं होती हो लेकिन चिंता ही, यदि सही से हैंडल न की जाए अवसाद बन जाती है, जिसे हम स्ट्रेस के नाम से भी जानते हैं | यही स्ट्रेस यदि बढ़ जाए, तो व्यक्ति आत्महत्या तक के प्रयास कर…

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शरीर के प्रकार

शरीर कितने प्रकार का होता है ? – भगवद्गीता

हमें ईश्वर चाहिए, पर क्या सच में इसके लिए संसार छोड़ना पड़ेगा ? या कुछ और त्यागना पड़ेगा ? क्या रामचंद्र जी, सब कुछ त्याग कर सन्यासी हो गए थे या कृष्ण जी या अर्जुन, या युधिष्ठिर, या कोई और ? किसी ने भी संसार नहीं त्यागा ! क्या ऋषियों ने विवाह नहीं किये थे…

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yog engineering

योग इंजीनियरिंग – Practical Yog

योग इंजीनियरिंग हमारे अंदर, बचपन से ही, कुछ बातें भरी जाती हैं या शायद हम उन बातों को सीख लेते हैं, जैसे कि अच्छा-ख़राब, सुन्दर-असुंदर, पाप-पुण्य, भला-बुरा, सही-गलत, अपना-पराया, मेरा-तेरा आदि | ये सब बातें, हमारे अंदर प्रोग्राम हो जाती हैं, हमारे चित्त में (शरीर के 24 तत्वों में से एक में) | हमारे जीवन…

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ज्ञान किसको प्राप्त होता है और किसको नहीं ?

विकार शब्द का अर्थ क्या होता है ? हम समझते हैं विकार शब्द मतलब कोई खराब चीज पर ऐसा नहीं है ! मनोविकार का अर्थ मन की गंदगी नहीं है | विकार का अर्थ है, कुछ नया ! माता से बच्चा हुआ, ये माता का विकार है क्योंकि वो माता से उत्पन्न होता है, पर…

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Tark shastra तर्कशास्त्र - न्याय शास्त्र, प्रमाण क्या होता है ? प्रमा के भेद

तर्कशास्त्र – न्याय शास्त्र, प्रमाण क्या होता है ? प्रमा के भेद

बचपन में दसवीं कक्षा में, गणित में हम लोग प्रमेय सिद्ध करते थे, पर तब कभी ध्यान नहीं दिया कि ये प्रमेय शब्द का क्या अर्थ होता है ? वास्तव में हम गणित कर रहे होते थे, पर तर्कशास्त्र के अनुसार ! प्रमेय माने होता है, वो वाक्य, वो विषय, जिसे तर्क से सिद्ध करना…

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Part 5 difference among Ahankar Abhiman and Ghamand 1 अहंकार, अभिमान और घमंड में क्या अंतर है ?

अहंकार, अभिमान और घमंड में क्या अंतर है ?

प्रकृति तीन गुणों वाली होती है तो प्रकृति से बना सब कुछ भी तीन प्रकार का होगा | बहुधा, लोग अभिमान, घमंड और अहंकार – तीनो का एक ही अर्थ कर देते हैं लेकिन तीनों एक नहीं होते हैं | कोई भी दो शब्दों का अर्थ एक हो ही नहीं सकता है, जैसे चन्द्रमा को…

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