Category: मौलिक विचार…
देवताओं को भोग कैसे लगाते हैं ?
देवताओं को भोग कैसे लगाते हैं ? क्या आपने कभी भगवन को अपने सामने भोग लगाते हुए देखा है ? कभी सोचा है हम घी का दीपक क्यों जलाते हैं, मंदिर में ? रौशनी के लिए ? ईश्वर को प्रकाश दिखाने के लिए ? क्या ये संभव है कि हम दीपक से, दिन में भगवान्…
कविता – कहानी, जो कह न सका
कहानी, जो कह न सका – कविता मैंने पूछा, बता क्या सुनेगी ? तेरे मन की व्यथा कैसे मिटेगी ? अमर कोषों का व्याख्यान सुनाऊं या शकुंतला की प्रेम व्यथा, कथा सुनाऊं, उस युवा की, जो शेरों से खेला बचपन में, या फिर सुनाऊं उस राजा को, राजमहल नहीं था जिसके मन में, जो बैठा…
हिंदी में उर्दू का नुक्ता – सही या गलत ?
आजकल स्कूलों में पढ़ाई जाने वाली हिंदी की किताबों में उर्दू के शब्द देख कर दिल जल जाता है । अरे भाई, जब किताब हिंदी की है, बच्चों को हिंदी पढ़ाने के लिए है तो वहां नुक्ते का क्या काम ?? आज कल का बच्चा सही से फल नहीं बोल सकता, फुम फुम फुल्लार शब्दम्…
शिक्षा व्यवस्था में कहाँ कमी है ?
ये हमारे देश का दुर्भाग्य है, यहां पाइथोगोरस बच्चों को पढ़ाया जाता है, गौस के नियम पढ़ाए जाते हैं, राइट हैंड थंब रूल पढ़ाया जाता है, इंटीग्रल, फूरियर ट्रांसफॉर्म आदि पढ़ाया जाता है पर कोई नहीं जानता क्यों पढ़ा रहे हैं ?? शिक्षाविदों ने केवल दूसरे देशों से कोर्स बनाने में नकल की, अक्ल नहीं…
शिक्षा क्या होती है, एक गंभीर चर्चा
हमें शिक्षा के बारे में बहुत सी गलतफहमियां हैं, हमें लगता है, बच्चे को पढ़ा लिखा दिया तो हमने बच्चे को शिक्षित कर दिया पर ऐसा है नहीं । एक अनपढ़ आदमी भी शिक्षित होता है और एक साक्षर आदमी भी अशिक्षित हो सकता है । शिक्षा के ऊपर एक गंभीर और गहन अध्ययन और…
काली और दुर्गा के ऊपर नाट्य मंचन
आजकल बच्चो को देवी और देवताओं की कथाएं नहीं पता हैं, इसी के लिए, बच्चों में संस्कारों के बीजारोपण और महिषासुर मर्दनी कथा को बताने हेतु, इस नाटक को लिखा गया और इसका भव्य मंचन गाजियाबाद के विभिन्न स्थानों यथा लक्जुरिया एस्टेट सोसाइटी, सिटी अपार्टमेंट सोसाइटी में किया गया | आप भी इसे अपने परिवार…
शरीर कितने प्रकार का होता है ? – भगवद्गीता
हमें ईश्वर चाहिए, पर क्या सच में इसके लिए संसार छोड़ना पड़ेगा ? या कुछ और त्यागना पड़ेगा ? क्या रामचंद्र जी, सब कुछ त्याग कर सन्यासी हो गए थे या कृष्ण जी या अर्जुन, या युधिष्ठिर, या कोई और ? किसी ने भी संसार नहीं त्यागा ! क्या ऋषियों ने विवाह नहीं किये थे…
योग इंजीनियरिंग – Practical Yog
योग इंजीनियरिंग हमारे अंदर, बचपन से ही, कुछ बातें भरी जाती हैं या शायद हम उन बातों को सीख लेते हैं, जैसे कि अच्छा-ख़राब, सुन्दर-असुंदर, पाप-पुण्य, भला-बुरा, सही-गलत, अपना-पराया, मेरा-तेरा आदि | ये सब बातें, हमारे अंदर प्रोग्राम हो जाती हैं, हमारे चित्त में (शरीर के 24 तत्वों में से एक में) | हमारे जीवन…
ज्ञान किसको प्राप्त होता है और किसको नहीं ?
विकार शब्द का अर्थ क्या होता है ? हम समझते हैं विकार शब्द मतलब कोई खराब चीज पर ऐसा नहीं है ! मनोविकार का अर्थ मन की गंदगी नहीं है | विकार का अर्थ है, कुछ नया ! माता से बच्चा हुआ, ये माता का विकार है क्योंकि वो माता से उत्पन्न होता है, पर…
गीता प्रवचन, भाग 1 – पं अशोक शर्मा
अघोरी बाबा की गीता के लेखक और पिता जी, पं श्री डॉ अशोक शर्मा जी द्वारा, उनके कनाडा प्रवास के मध्य में, भगवद्गीता पर उन्होंने पञ्चदिवसीय गीता सत्र किया था | उसी का पहला भाग, आज आप सभी के लिए प्रस्तुत है ! इस महत्वपूर्ण लेक्चर में, सांख्य, वेदांत, गीता आदि के बेसिक्स की विस्तृत…
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