कालभीति का शिवजी से वाद-विवाद
शुद्ध और अशुद्धता पर कालभीति का शिव जी से वाद-विवाद न जायते कुलम यस्य बीजशुद्धि बिना ततः |तस्य खादन पिबतृ वापि साधुः सांदति तत्क्षणात् || कालभीति एक बिल्व वृक्ष के नीचे एक पैर के अंगूठे के अग्र भाग पर खड़े हो मंत्रों का जाप करने लगे | जाप का नियम ग्रहण करने के पश्चात वे सौ…