Category: शास्त्रज्ञान वीडियो
22 अक्टूबर को होगा नाट्यमंचन – प्राण जाए पर वचन न जाई
प्राण जाए पर वचन न जाई Family के साथ थिएटर में फिल्में नहीं देख सकते क्योंकि उसमें अश्लील गाने और दृश्य होते हैं, घर पर टीवी पर वेब सीरीज नहीं देख सकते क्योंकि उसमें अभद्र गालियों का वमन होता है । तो बच्चों के साथ, परिवार के साथ मनोरंजन के लिए जाएं तो जाएं कहां…
शब्द अलंकार का महत्व और पुनुरुक्ति अलंकार
हम लोगों को लगता है कि काव्य को जानकार क्या करेंगे ? काव्य में गहराई न पता हो, अलंकार न पता हो तो क्या फर्क पड़ जाएगा पर ऐसा नहीं है | जब हमें किसी कला की जानकारी ही नहीं होगी तो हम उसका आनद ही नहीं ले पाएंगे | उसके रस में नहीं डूब…
काली और दुर्गा के ऊपर नाट्य मंचन
आजकल बच्चो को देवी और देवताओं की कथाएं नहीं पता हैं, इसी के लिए, बच्चों में संस्कारों के बीजारोपण और महिषासुर मर्दनी कथा को बताने हेतु, इस नाटक को लिखा गया और इसका भव्य मंचन गाजियाबाद के विभिन्न स्थानों यथा लक्जुरिया एस्टेट सोसाइटी, सिटी अपार्टमेंट सोसाइटी में किया गया | आप भी इसे अपने परिवार…
चुपड़ी रोटी से भगवान् विष्णु की कृपा – राजा चोल और विष्णुदास की कथा
चुपड़ी रोटी से भगवान् विष्णु की कृपा आजकल बहुत से लोग कहते हैं, कि परोपकार करो, दान करो, मदद करो या हवन आदि करने से ईश्वर की प्राप्ति होती है | पर क्या ये सही है ? ईश्वर की प्राप्ति के बहुत सारे रास्ते बताये गए हैं, किन्तु आजकल लोग भ्रमित हैं कि कैसे प्राप्ति…
ज्ञान किसको प्राप्त होता है और किसको नहीं ?
विकार शब्द का अर्थ क्या होता है ? हम समझते हैं विकार शब्द मतलब कोई खराब चीज पर ऐसा नहीं है ! मनोविकार का अर्थ मन की गंदगी नहीं है | विकार का अर्थ है, कुछ नया ! माता से बच्चा हुआ, ये माता का विकार है क्योंकि वो माता से उत्पन्न होता है, पर…
तर्कशास्त्र – न्याय शास्त्र, प्रमाण क्या होता है ? प्रमा के भेद
बचपन में दसवीं कक्षा में, गणित में हम लोग प्रमेय सिद्ध करते थे, पर तब कभी ध्यान नहीं दिया कि ये प्रमेय शब्द का क्या अर्थ होता है ? वास्तव में हम गणित कर रहे होते थे, पर तर्कशास्त्र के अनुसार ! प्रमेय माने होता है, वो वाक्य, वो विषय, जिसे तर्क से सिद्ध करना…
अहंकार, अभिमान और घमंड में क्या अंतर है ?
प्रकृति तीन गुणों वाली होती है तो प्रकृति से बना सब कुछ भी तीन प्रकार का होगा | बहुधा, लोग अभिमान, घमंड और अहंकार – तीनो का एक ही अर्थ कर देते हैं लेकिन तीनों एक नहीं होते हैं | कोई भी दो शब्दों का अर्थ एक हो ही नहीं सकता है, जैसे चन्द्रमा को…
गीता प्रवचन, भाग 1 – पं अशोक शर्मा
अघोरी बाबा की गीता के लेखक और पिता जी, पं श्री डॉ अशोक शर्मा जी द्वारा, उनके कनाडा प्रवास के मध्य में, भगवद्गीता पर उन्होंने पञ्चदिवसीय गीता सत्र किया था | उसी का पहला भाग, आज आप सभी के लिए प्रस्तुत है ! इस महत्वपूर्ण लेक्चर में, सांख्य, वेदांत, गीता आदि के बेसिक्स की विस्तृत…
samudra manthan story with relation to Astrology
हम कथाएं पढ़ते हैं लेकिन कथाओं के पढ़ते समय, उनमें लिखी बातों पर चिंतन करना चाहिए ! समुद्र मंथन की कथा, सभी ने सुनी होगी लेकिन उसमें राहु और केतु का जिक्र आता है लेकिन राहु और केतु हैं क्या ? क्यों इनको नवग्रह में गिना जाता है, जबकि ये तो असली ग्रह भी नहीं…
न्यायशास्त्र बेसिक्स, तर्कशास्त्र, धर्म की रक्षा कैसे करता है ?
सनातन धर्म अकेला, ऐसा धर्म है, जहाँ तर्कशास्त्र की रचना हुई | एकमात्र धर्म, तर्क-वितर्क से समझाता है कि आत्मा है या नहीं, ईश्वर है या नहीं, पुनर्जन्म होता है या नहीं आदि | पर आजकल लोग इसे शास्त्र को पढ़ते ही नहीं | तर्कशास्त्र ही वो शास्त्र था, जिसको 500 साल तक, बौद्धों से…
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