Category: ज्योतिष
samudra manthan story with relation to Astrology
हम कथाएं पढ़ते हैं लेकिन कथाओं के पढ़ते समय, उनमें लिखी बातों पर चिंतन करना चाहिए ! समुद्र मंथन की कथा, सभी ने सुनी होगी लेकिन उसमें राहु और केतु का जिक्र आता है लेकिन राहु और केतु हैं क्या ? क्यों इनको नवग्रह में गिना जाता है, जबकि ये तो असली ग्रह भी नहीं…
कर्म बड़ा या भाग्य – भाग 1
सभी लोग कभी न कभी कर्म और भाग्य की चर्चा करते हैं किन्तु वो चर्चा बहुधा सुनी सुनाई बातों पर ही आधारित होती है | वो कितनी शास्त्रोक्त है और क्या उस विषय की सम्यक विवेचना कहीं पर की जाती है | आम बोलचाल में तो नहीं | हमें कर्म और भाग्य के सम्बन्ध को…
ज्योतिषी की भविष्वाणी कितनी सही 0 प्रतिशत या 100 ?
ज्योतिषी की भविष्यवाणी, सही या गलत ? आपने किसी को कुंडली दिखाई और उसने कहा कि फलाने फलाने साल में आपके ऊपर संकट आएगा, आपको कष्ट होगा, आपकी नौकरी जा सकती है, आपका एक्सीडेंट हो सकता है, आपका धन खर्च हो जाएगा आदि | और आप हो गए परेशान कि अरे यार ! आने वाला…
मंडन 2 – ‘युग सहस्त्र योजन पर भानु’ वायरल पोस्ट का एनालिसिस
युग सहस्त्र योजन पर भानु वाली वायरल पोस्ट का एनालिसिस आजकल सोशल मिडिया में, ये पोस्ट खूब वायरल है कि तुलसीदास जी ने वर्षों पहले, हनुमान चालीसा में, पृथ्वी से सूर्य की दूरी बता दी थी | कुछ लोग, जो आस्तिक और धार्मिक टाइप के हैं, इसे सही मानते हैं और कुछ लोग, जो हर…
मंडन 2 – ‘युग सहस्त्र योजन पर भानु’ में सूर्य की दूरी पर स्पष्टीकरण
मंडन 2 – ‘युग सहस्त्र योजन पर भानु’ में सूर्य की दूरी पर स्पष्टीकरण आजकल सोशल मिडिया में, ये पोस्ट खूब वायरल है कि तुलसीदास जी ने वर्षों पहले, हनुमान चालीसा में, पृथ्वी से सूर्य की दूरी बता दी थी | कुछ लोग, जो आस्तिक और धार्मिक टाइप के हैं, इसे सही मानते हैं और…
ज्योतिषी से फायदा कैसे उठायें ?
कल बहुत से लोगों ने फेसबुक पर अपनी कुंडली बताई, दिखाई और अपनी जिज्ञासा रखी | बहुत से लोगों ने फीस भी पूछी और मैंने बताया कि मैं कोई फीस नहीं लेता, तो आश्चर्य भी किया | पर अब सोच रहा हूँ कि फीस रख ही लेता हूँ, लोग अगर फीस वाले ज्योतिषी को ही…
ज्योतिष बेसिक्स, भाग 2
अध्याय २ योजनानि शतान्यष्टो भूकर्णों द्विगुणानि तु | तद्वर्गतो दशगुणात्पदे भूपरिधिर्भवते || अर्थात पृथ्वी का व्यास 800 के दूने 1600 योजन है, इसके वर्ग का 10 गुना करके गुणनफल का वर्गमूल निकालने से जो आता है, वह पृथ्वी कि परिधि है | इस श्लोक को विस्तार से आगे चर्चा करेंगे किन्तु इस श्लोक से स्पष्ट हो…
ज्योतिष शास्त्र – अध्याय 1
पहले ये वीडियो देखें, फिर आगे पढ़ें | लोकानामन्तकृत्कालः कालोन्यः कल्नात्मकः |स द्विधा स्थूल सुक्ष्मत्वान्मूर्त श्चामूर्त उच्यते || अर्थात – एक प्रकार का काल संसार का नाश करता है और दूसरे प्रकार का कलानात्मक है अर्थात जाना जा सकता है | यह भी दो प्रकार का होता है (१) स्थूल और (२) सूक्ष्म | स्थूल…
बालसंस्कारशाला 17
इस बार की बच्चों को पहले बेसिक ध्यान और फिर प्राणायाम कराया गया | तर्कमुद्रा बताई गयी | प्राणायाम क्यों करना चाहिए, ये बताया गया ! उनको बताया गया कि जैसे दीपक में घी खत्म होने पर दीपक बुझ जाता है, ऐसे ही हमारे साँसे पूरी होने पर, हमारा ये जीवन समाप्त हो जाता है…
वारों के नाम कैसे रखे गए ? सोमवार के बाद मंगलवार ही क्यों ?
इस बार की बालसंस्कारशाला 16 में बच्चों को बताया कि सोमवार के बाद मंगलवार ही क्यों आता है और शनिवार के बाद रविवार ही क्यों आता है ? शुक्रवार क्यों नहीं आ जाता ? बच्चों को बताया कि पृथ्वी एक दिन में 360 अंश (अंश यानि डिग्री) घूमती है और एक राशि 30 अंश की…
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