बालसंस्कारशाला 15

इस बार की बालसंस्कारशाला में राशिचक्र के बारे में बताया, कि कैसे 360 डिग्री का एक राशिचक्र होता है और 12 भागों (राशियों) में बाटंने से, एक राशि 30 अंश की हुई | सूर्य इन 12 राशियों में क्रम से जाता है (Geocentric and Heliocentric system भी समझाया गया), एक राशि से जब सूर्य दूसरी…

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बालसंस्कारशाला – 14

बालसंस्कारशाला (स्टोरीटेलिंग) – 12————————————— इस बार की बालसंस्कारशाला में बच्चों को ज्योतिष में से राशियाँ पढ़ाने के लिए, पहले कोण समझाया गया (बच्चे तीसरी कक्षा के थे तो कोण भी सही नहीं जानते थे) | वृत्त में ३६० डिग्री होते हैं, ये समझाना और फिर बताना कि पृथ्वी भी वृत्त में ही घूमती है अतः…

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अघोरी बाबा की गीता – भाग 58

बड़ा हुआ सो का हुआ….. “ये कोण नहीं होता है | जो कक्षाओं में टीचर पढ़ा रहे हैं, वो ये ही है जो तुमने बताया कि दो लाइन (पंक्तियाँ) जहाँ एक बिंदु पर आ कर मिले तो उसे कोण कहते हैं | ये गलत परिभाषा है, यदि मैं अध्यापक होता तो बताता की जब हम…

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नक्षत्रों का फल

नक्षत्रानुसार प्रभाव – जातक पर नक्षत्र का बहुत प्रभाव पड़ता है | अतः नक्षत्रानुसार जातक पर पड़ने वाला प्रभाव आगे दिया गया है | अश्विनी – विचारशील, अध्ययन, अध्यापन करने वाला, ज्योतिष, वैद्यक आदि शास्त्रों में रूचि रखने वाला, लेखक, ईमानदार, चंचल प्रकृति, मस्से का रोगी और गृह – कलह प्रिय | भरणी – बलवान,…

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जीवन में क्या चाहिए ?

इस संसार में केवल तीन ही चीज याद रखने लायक हैं – 1. मृत्यु २. ईश्वर ३. कर्तव्य 1. मृत्यु – क्यों ? मृत्यु को ही सबसे पहले क्यों ? ईश्वर को क्यों नहीं ? क्योंकि मृत्यु को जब आप याद करते हैं तो आपको पता चलता है कि सब को एक दिन मर जाना…

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अध्याय 2

ज्योतिष सीखें, आसान शब्दों में योजनानि शतान्यष्टो भूकर्णों द्विगुणानि तु |तद्वर्गतो दशगुणात्पदे भूपरिधिर्भवते || अर्थात पृथ्वी का व्यास 800 के दूने 1600 योजन है, इसके वर्ग का 10 गुना करके गुणनफल का वर्गमूल निकालने से जो आता है, वह पृथ्वी कि परिधि है | इस श्लोक को विस्तार से आगे चर्चा करेंगे किन्तु इस श्लोक…

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ज्योतिष अध्याय 1

ज्योतिष अध्ययन पहले ये वीडियो देखें, फिर आगे पढ़ें | लोकानामन्तकृत्कालः कालोन्यः कल्नात्मकः |स द्विधा स्थूल सुक्ष्मत्वान्मूर्त श्चामूर्त उच्यते || अर्थात – एक प्रकार का काल संसार का नाश करता है और दूसरे प्रकार का कलानात्मक है अर्थात जाना जा सकता है | यह भी दो प्रकार का होता है (१) स्थूल और (२) सूक्ष्म…

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काल का मान

अब मैं तुमसे काल का मान बताऊंगा, उसे सुनो – विद्वान लोग पंद्रह निमेष की एक ‘काष्ठा’ बताते हैं । तीस काष्ठा की एक ‘कला’ गिननी चाहिए । तीस कला का एक ‘मुहूर्त’ होता है । तीस मुहूर्त के एक ‘दिन-रात’ होते हैं । एक दिन में तीन तीन मुहूर्त वाले पांच काल होते है,…

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