aghori baba ki gita

अघोरी बाबा की गीता – गुरु पूर्णिमा विशेष

अघोरी बाबा की गीता – गुरु पूर्णिमा विशेष मैंने बाबा से बोला – “बाबा ! आप ऐसे समझा रहे हो, बड़ा अच्छा लग रहा है । लेकिन बाक़ी लोगों का क्या ? उन्हें कौन समझाएगा ! दुनिया कहाँ से कहाँ जा रही है ! आप जैसा गुरु ही नहीं मिलता । गुरु ढूढों तो गुरु…

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अघोरी बाबा की गीता aghori baba ki gita

अघोरी बाबा की गीता – भाग 74

अघोरी बाबा की गीता – अहिंसा क्या है ? क्या धर्म हिंसा तथैव च, शास्त्रोक्त है ? कहीं झूठ तो नहीं ? अहिंसा परमो धर्म कैसे ? #अघोरी_बाबा_की_गीता – 74 बगुला भेद न जानई, हंसा चुनी-चुनी खाई। “पहले हमें यह समझना चाहिए कि अहिंसा होता क्या है, जब हम अहिंसा को समझ पाएंगे तब ही…

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अघोरी बाबा की गीता aghori baba ki gita

अघोरी बाबा की गीता – 129

अघोरी बाबा की गीता : बाहर से भीतर की ओर….. आशा है, अब तुम मन, बुद्धि और चित्त में स्पष्ट हो गए होगे और ये किस प्रकार और क्या क्या कार्य करते हैं, इसे समझ गये होगे ! – बाबा ने मुझे तौलने की दृष्टि से देखा कि मेरी मोटी बुद्धि में क्या घुसा और…

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अघोरी बाबा की गीता aghori baba ki gita, part 2

अघोरी बाबा की गीता – 102

अघोरी बाबा से जानिये तेज क्या होता ? शाप कैसे काम करता है ? आबत सब जग देखिया… “ये आवेश, दो प्रकार का होता है, सकारात्मक या नकारात्मक | जिसे अंग्रेजी में कह दिया गया, पॉजिटिव और नेगेटिव | लेकिन सकारात्मक माने पॉजिटिव आवेश नहीं है | नकारात्मक माने नेगेटिव आवेश नहीं है | पॉजिटिव…

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अघोरी बाबा की गीता – भाग 58

बड़ा हुआ सो का हुआ….. “ये कोण नहीं होता है | जो कक्षाओं में टीचर पढ़ा रहे हैं, वो ये ही है जो तुमने बताया कि दो लाइन (पंक्तियाँ) जहाँ एक बिंदु पर आ कर मिले तो उसे कोण कहते हैं | ये गलत परिभाषा है, यदि मैं अध्यापक होता तो बताता की जब हम…

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अघोरी बाबा की गीता – भाग ५

अघोरी बाबा की गीता  इधर एक दिन कंपनी से आदेश हुआ कि गुवाहाटी जाओ और जैसा हर बार होता है, अपुन ने बोरिया बिस्तर बाँधा और पहुंच गए गुवाहाटी । गुवाहाटी मुझे बहुत पसंद है क्योंकि एक तो वहां पर बड़ा अच्छा मंदिर है सुक्रेश्वर महादेव मन्दिर और दूसरा मंदिर है उमानंदा मंदिर जो कि…

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अघोरी बाबा की गीता – भाग ४

अघोरी बाबा की गीता  एक बात बता, मैं इतना समझाता हूँ, उसके बाद भी तेरे प्रश्न ख़त्म नहीं होते ! लाता कहाँ से है इतने सवाल ? – बाबा ने आज डायरेक्टली ही पूछ लिया | आज बाबा ने वो बात पूछ ली, जिसे मैं बिना पूछे शायद किसी को भी नहीं बताता – बाबा,…

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अघोरी बाबा की गीता – ३

अघोरी बाबा की गीता  मेरा गुरु के बारे में टॉपिक चेंज करने का आईडिया सही बैठ गया और बाबा, अब थोड़ा गंभीर हो गए । क्या तुम्हें पता है, शंकराचार्य को उसके गुरु कैसे मिले ? तानसेन को उसके गुरु कैसे मिले ? सूरदास को उसके गुरु कैसे मिले ? – सवालों की झड़ी लगा…

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अघोरी बाबा की गीता – २

अघोरी की बाबा की गीता  जैसे ही मैंने श और ष में अंतर पूछा, बाबा का चेहरा झुझला गया | ओह ! तो अब क्या व्याकरण भी पढ़ाना पड़ेगा ? ऊपर की तरफ देखते हुए बाबा बोले – इसे गीता पढ़ानी थी ! इसे तो क ख ग भी सिखाना पड़ेगा पहले !!! अब फिर…

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अघोरी बाबा की गीता – भाग 1

  अघोरी बाबा की गीता रोजाना की तरह मैं अपने आफिस से घर जा रहा था । एक हाथ में स्टीयरिंग, एक हाथ मे मोबाइल और कार में भजन, जैसा रोज होता है । अचानक मेरे अवचेतन मस्तिष्क ने कार में जोरदार ब्रेक लगाये । सामने देखा तो एक बाबा, लंबी जटाओं वाले, भगवा कपड़े…

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