शास्त्र ज्ञान सत्र 41

शास्त्र ज्ञान सत्र 41 में, निम्न विषयों पर चर्चा हुई | १. योग – इसमें चित्त की वृत्तियों को कैसे कण्ट्रोल करें (योगश्चित्त वृत्ति निरोधः – पतंजलि योगसूत्र) इस विषय पर आगे चर्चा की गयी | पिछली बार, भगवद्गीता में कृष्ण जी ने क्या तरीका बताया था, इस पर चर्चा की गयी थी और इस…

Read More

शास्त्र – क्या सच, क्या झूठ, खंडन 3

रामायण पर भ्रामक पोस्ट का खंडन इस पोस्ट में निम्न दी गयी सोशल मिडिया वायरल पोस्ट, जिसमें रामायण से वानरों के बारे में तथ्यहीन बातें लिखी गयी हैं, उनका स्पष्टीकरण है | इस पोस्ट को फेसबुक पर किसी ‘महर्षि जाबाली’ ने लिखा है और उनकी पोस्ट का लिंक, नीचे कमेन्ट में दिया गया है |…

Read More
banner अघोरी बाबा की गीता - भाग 1

अघोरी बाबा की गीता – भाग 1

  अघोरी बाबा की गीता रोजाना की तरह मैं अपने आफिस से घर जा रहा था । एक हाथ में स्टीयरिंग, एक हाथ मे मोबाइल और कार में भजन, जैसा रोज होता है । अचानक मेरे अवचेतन मस्तिष्क ने कार में जोरदार ब्रेक लगाये । सामने देखा तो एक बाबा, लंबी जटाओं वाले, भगवा कपड़े…

Read More

कमठ द्वारा शरीर वर्णन

भगवान् सूर्य बोले – वत्स कमठ ! तुम्हारी बुद्धि तो वृद्धों जैसी है | तुम बहुत अच्छा प्रतिपादन कर रहे हो | अब मैं तुमसे शरीर का लक्षण सुनना चाहता हूँ; उसे बताओ | कमठ ने कहा – विप्रवर ! जैसा यह ब्रह्माण्ड है, वैसा ही यह शरीर भी बताया गया है | पैरों का…

Read More

तीर्थ क्या, क्यों और कैसे ?

महतां दर्शनं ब्रह्मज्जायते न हि निष्फलं | द्वेषादज्ञानतो वापि प्रसन्गाद्वा प्रमादतः || अयसः स्पर्शसंस्पर्शो रुक्मत्वायैव जायते | — ब्रह्म पुराण अर्थ – महापुरुषों का दर्शन निष्फल नहीं होता, भले ही वह द्वेष अथवा अज्ञान से ही क्यों न हुआ हो | लोहे का पारसमणि से प्रसंग या प्रामद से भी स्पर्श हो जाय तो भी…

Read More

You cannot copy content of this page