दूल्हा

दूल्हा कैसा होना चाहिए ?

दूल्हा देखते समय क्या रखें ध्यान ? अत्यासन्ने चातिदूरे अत्यादशे धनवार्जिते । वृत्तिहीने च मूर्खे च कन्यादानं न शस्यते ।।मूढाय च विरलाय भारमसम्भाविताय च । आतुरे प्रमत्ताय कन्यादानं न कारयेत ।। सन्दर्भ – ये उस समय की बात है जब सती जी ने पुनर्जन्म लिया पार्वती जी के रूप में और शिव जी की घोर…

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युद्ध

युद्ध का फल

क्या युद्ध करने से भी कोई लाभ है ? सन्दर्भ – जब इंद्र का युद्ध वृत्तासुर से प्रारंभ हुआ और देवताओं ने दधिची की हड्डियों से बनाये हुए अस्त्र शस्त्रों से दैत्यों का नाश करना प्राम्भ कर दिया तब सभी राक्षस भयभीत हो कर भागने लगे । तब वृत्तासुर ने समझाया “वीरो ! युद्ध स्वर्ग…

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प्रदोष

प्रदोष व्रत एवं शिव पूजा

प्रदोष व्रत एवं शिव पूजा सन्दर्भ – ये उस समय की बात  है जब विश्वकर्मा ने इंद्र से बदला लेने के लिए कठोर तप कर के ब्रह्मा जी से वृत्तासुर नामक पुत्र का  आशीर्वाद लिया । वह असुर प्रतिदिन सौ धनुष (चार सौ हाथ) बढ़ता था । उसने सम्पूर्ण भूमंडल ढक लिया और इंद्र को युद्ध  के…

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तीर्थ

तीर्थ क्या होते हैं ?

तीर्थ क्या होते हैं ? मानसिक तीर्थ क्या हैं ? जायन्ते च भ्रियन्ते च जलेप्वेव जलौकसः। न च गच्छअन्ति ते स्वर्गमविशुदहमनोमलाः ।।चित्तमंतर्गतम दुष्टं तीर्थस्नानंच शुध्यति । शतशोअपि जलैधौतम सुराभाण्डमिवाशुची ।। सार : अगत्स्य ने लोपामुद्रा से कहा – निष्पापे ! मैं मनासतीर्थो का वर्णन करता हूँ, सुनो । इन तीर्थों मैं स्नान करके  मनुष्य परम…

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भोजन न पचने के लक्षण और उसके कारण रोग |

शास्त्रज्ञान की सिरीज में आयुर्वेद की ही आगे चर्चा करेंगे और जानेंगे कि भोजन के न पचने के क्या लक्षण हैं और उससे कौन से संभावित रोग हो सकते हैं ? जल को भोजन के अंत में क्यों नहीं पीना चाहिए ? यदि पियेंगे तो क्या नुक्सान होगा ? आयुर्वेद जल को भोजन में इतना…

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खंडन 14 – शास्त्रों के दुष्प्रचार करने वाली पुस्तक का खंडन

खंडन सिरीज में इस बार हम बात करेंगे, एक पृष्ठ की, जो हमारे पास खंडन के लिए आया है | इस पृष्ठ में शास्त्रों से विभिन्न उद्धरण दिए गए हैं, आज हम उनके बारे में चर्चा करेंगे | पहले देखते हैं, वो पृष्ठ इन्होने पहला ही प्रमाण, शिव पुराण का दिया है किन्तु भूलवश शायद…

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आयुर्वेद – भोजन क्या है ? कैसे काम करता है ?

शास्त्रज्ञान सिरीज में, आज स्वयं के बारे में जानें | भोजन क्या है ? कैसे काम करता है ? भूख को समझिये कि ये क्या है ? – अपने बारे में समझना आवश्यक है ताकि हम अपने जीवन को सुचारू रूप से समझ सकें | पहले स्वयं को समझना पड़ेगा फिर आप ईश्वर को समझ…

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आयुर्वेद – अनुसार भोजन कैसे करना चाहिए ?

शास्त्रज्ञान सीरीज के तीसरे वीडियो में हम देखेंगे, कि आयुर्वेद के अनुसार भोजन कैसे करना चाहिए | अजीर्णे भैषजम वारि जीर्णे वारि बलप्रदम | भोजने चामृतम वारि भोजनान्ते विषम प्रदम का क्या अर्थ है ? कोरोना से लड़ते हुए और घर पर रहते हुए, खान पान पर विशेष ध्यान देना है अतः इस वीडियो को…

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भीम और बर्बरीक का युद्ध

मलं मूत्रं पुरीषं च श्लेष्मनिष्ठिवितं तथा, गण्डूषमप्सु मुञ्चन्ति ये ते ब्रह्मभिः समाः | अर्थ – जो जल में मल, मूत्र, विष्ठा, कफ, थूक और कुल्ला छोड़ते हैं, वे ब्रह्महत्यारों के सामान है | ये श्लोक उस समय का है, जब पांडव जुए में हार कर, जंगलो में घुमते हुए माँ चंडिका के दर्शन करके उस…

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योग – 1

अर्जुन बोले – मैं योग के स्वरुप का तात्विक विवेचन सुनना चाहता हूँ | क्योंकि योग को समस्त उत्तम साधनों से भी उत्तम बताकर सब लोग उसकी बड़ी प्रशंसा करते हैं | नारद जी ने कहा – कुरुश्रेष्ठ ! मैं संक्षेप से ही तुम्हें योग का तत्व बतलाता हूँ | इसके सुनने से भी चित्त…

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