भीष्म

भीष्म ने द्रौपदी को क्यों नहीं बचाया ?

क्या भीष्म अधर्मी थे ? क्या ऐसा संभव है कि जिस भीष्म के पास, कृष्ण जी स्वयं धर्मराज युधिष्ठिर को ले जाते हों, वो भी धर्म को समझने के लिए, वो भीष्म अधर्मी हों ? कहीं हम जल्दबाजी में तो या बाबाओं की सुनी सुनाई बातों में तो नहीं मान लेते कि भीष्म अधर्मी थे…

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पाप और पुण्य

पाप और पुण्य क्या हैं ?

पाप और पुण्य क्या है ? और इनका निर्धारण कैसे होगा ? यदि आप गीता को मानते हैं, यदि आप पुनर्जन्म को मानते हैं और यदि आप कर्मों के फल को मानते हैं तो फिर आपको कर्मो द्वारा अर्जित पाप और पुण्य को भी समझना होगा | क्योंकि इन पाप और पुण्य के हिसाब से…

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पात्र

पात्र कौन है ?

पात्र कौन होता है ? पात्र कैसे बना जाए ? ज्ञान किसको मिलेगा ? शास्त्रों में कहते हैं कि ज्ञान पात्र को ही देना चाहिये | पर पात्र की भी सही सही परिभाषा कहीं एक जगह नहीं मिलती है, जैसे धर्म की नहीं मिलती है | आज जानते हैं कि पात्र कौन होता है ?…

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शिव भांग

क्या शिवजी सच में नशेड़ी हैं ?

क्या शिवजी सच में चरस, गांजा, भांग आदि के नशे में पड़े रहते हैं ? सोशल मिडिया पर ये एक आम मान्यता है कि शिवजी नशेड़ी हैं, चरस, गांजा, भांग आदि समुचित मात्रा में लिया करते हैं और इसी मनगढ़ंत बात को आधार बना कर, शिव जी के कुछ ऐसे फोटो भी कुछ वर्षों में…

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कलियुग

कैसा होगा कलियुग ?

कलियुग की प्रवृत्ति का वर्णन कलेर्दोषेनिवेश्चैव शृणु चैकं महागुणं |यदल्पेन तु कालेन सिद्धि गच्छति मानवाः || (1)त्रेतायां वार्षिको धर्मो द्वापरे मासिकः स्मृतः |यथा क्लेशं वरन प्राश्स्तहा प्राप्यते कलौ ||  (2)दुगत्रयेण तावन्तः सिद्धि गच्छन्ति पार्थिव |यावन्तः सिद्धिमाद्यन्ति कलौ हरिहर्व्रताः || (3) अब कलियुग की प्रवृत्ति सुनो | कलियुग में तमोगुण से व्याकुल इन्द्रियों वाले मनुष्य माया,…

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श्राद्ध

श्राद्ध में चढ़ाए पिंड और जल को पूर्वज कैसे ग्रहण करते हैं ?

श्राद्ध के विषय में, नारद जी और अर्जुन का संवाद नारद जी कहते हैं – अर्जुन ! इसके बाद राजा करन्धम ने महाकाल से पूछा – भगवन ! मेरे मन में सदा ये संशय रहता है की मनुष्यों द्वारा पितरों का जो तर्पण किया जाता है, उसमें जल तो जल में ही चला जाता है;…

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