अघोरी बाबा की गीता aghori baba ki gita

अघोरी बाबा की गीता – 129

अघोरी बाबा की गीता : बाहर से भीतर की ओर….. आशा है, अब तुम मन, बुद्धि और चित्त में स्पष्ट हो गए होगे और ये किस प्रकार और क्या क्या कार्य करते हैं, इसे समझ गये होगे ! – बाबा ने मुझे तौलने की दृष्टि से देखा कि मेरी मोटी बुद्धि में क्या घुसा और…

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अघोरी बाबा की गीता aghori baba ki gita, part 2

अघोरी बाबा की गीता – 102

अघोरी बाबा से जानिये तेज क्या होता ? शाप कैसे काम करता है ? आबत सब जग देखिया… “ये आवेश, दो प्रकार का होता है, सकारात्मक या नकारात्मक | जिसे अंग्रेजी में कह दिया गया, पॉजिटिव और नेगेटिव | लेकिन सकारात्मक माने पॉजिटिव आवेश नहीं है | नकारात्मक माने नेगेटिव आवेश नहीं है | पॉजिटिव…

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