गीता के पहले श्लोक का अर्थ

गीता के पहले श्लोक का गूढ़ अर्थ और त्रिगुणात्मकः प्रकृतिः का क्या अर्थ है ?

हम बहुत सी बातें सुनते हैं, जैसे कि त्रिगुणात्मकः प्रकृतिः पर क्या हम उन बातों की गूढ़ता को समझते भी हैं ? क्या अर्थ है, इस छोटी सी पंक्ति का ? प्रकृति त्रिगुण वाली कैसे है ? कहीं कोई व्याख्या तो अवश्य होगी, क्या है वो ? ऐसे ही गीता को सब पढते हैं, पर…

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शरीर के प्रकार

शरीर कितने प्रकार का होता है ? – भगवद्गीता

हमें ईश्वर चाहिए, पर क्या सच में इसके लिए संसार छोड़ना पड़ेगा ? या कुछ और त्यागना पड़ेगा ? क्या रामचंद्र जी, सब कुछ त्याग कर सन्यासी हो गए थे या कृष्ण जी या अर्जुन, या युधिष्ठिर, या कोई और ? किसी ने भी संसार नहीं त्यागा ! क्या ऋषियों ने विवाह नहीं किये थे…

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ज्ञान किसको प्राप्त होता है और किसको नहीं ?

विकार शब्द का अर्थ क्या होता है ? हम समझते हैं विकार शब्द मतलब कोई खराब चीज पर ऐसा नहीं है ! मनोविकार का अर्थ मन की गंदगी नहीं है | विकार का अर्थ है, कुछ नया ! माता से बच्चा हुआ, ये माता का विकार है क्योंकि वो माता से उत्पन्न होता है, पर…

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Part 5 difference among Ahankar Abhiman and Ghamand अभिमान, घमंड और अहंकार By Pt Dr Ashok Sharma

अभिमान, घमंड और अहंकार By Pt Dr Ashok Sharma

प्रकृति तीन गुणों वाली होती है तो प्रकृति से बना सब कुछ भी तीन प्रकार का होगा | बहुधा, लोग अभिमान, घमंड और अहंकार – तीनो का एक ही अर्थ कर देते हैं लेकिन तीनों एक नहीं होते हैं | कोई भी दो शब्दों का अर्थ एक हो ही नहीं सकता है, जैसे चन्द्रमा को…

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Part 5 difference among Ahankar Abhiman and Ghamand अहंकार, अभिमान और घमंड में क्या अंतर है ?

अहंकार, अभिमान और घमंड में क्या अंतर है ?

प्रकृति तीन गुणों वाली होती है तो प्रकृति से बना सब कुछ भी तीन प्रकार का होगा | बहुधा, लोग अभिमान, घमंड और अहंकार – तीनो का एक ही अर्थ कर देते हैं लेकिन तीनों एक नहीं होते हैं | कोई भी दो शब्दों का अर्थ एक हो ही नहीं सकता है, जैसे चन्द्रमा को…

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Who is astik and who is Nastik ? Who controls our lives ? do we ? By Pt Ashok Sharma

हम लोग जब सफल होते हैं तो कहते हैं, कि ये सफलता हमने प्राप्त की है, अपनी मेहनत से | लेकिन जब हम हार जाते हैं तो ईश्वर को दोष देते हैं ? कौन चलाता है हमें ? क्या हमारे काम हमें चलाते हैं या कोई ईश्वर नाम की शक्ति उसे चला रही है ?…

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Geeta sar Part 3 Are we abusing God gifts ? What is Nimitta Matra with example by Dr Ashok Sharma

Are we abusing God gifts ? What is Nimitta Matra with example by Dr Ashok Sharma

ईश्वर ने विभिन्न तत्वों से ये मनुष्य बनाया | बाकी सभी योनियों यथा पेड़, पौधे आदि से हमें ज्यादा तत्व दिये पूरे 24 ! जानवरों में भी एक तत्व नहीं दिया – बुद्धि | केवल मनुष्य के पास ही वो दी लेकिन मनुष्य क्या कर रहा है ? जो भी ईश्वर प्रदत्त उपहार हैं, जो…

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Part 2 How English evolve from Hindi ? why no correct translation of Gita in market - Pt Ashok Sharma

How English evolve from Hindi ? why no correct translation of Gita in market – Pt Ashok Sharma

जब बात भगवद्गीता की होती है, तो लोगों को लगता है कि हमने पढ़कर समझ लिया है लेकिन ये इतना आसान नहीं है क्योंकि जो शब्दों के अर्थ किसी अनुवाद या पुस्तक में दिए हैं, उस एक शब्द के कितने अर्थ हो सकते हैं ? वो एक शब्द का कौन सा अर्थ उस अनुवाद में…

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soorya Gita – सूर्य गीता

    गौरनाद्यन्तवती सा जनित्री भूतभाविनी । सितासिता च रक्ता च सर्वकामदुधा विभोः ॥ ५॥  मान्त्रिकोपनिषत्     दानं स्वधर्मो नियमो यमश्च श्रुतं च कर्माणि च सद्‍व्रतानि । सर्वे मनोनिग्रहलक्षणान्ता: परो हि योगो मनस: समाधि: ॥ ११.२३ ४५ ॥ श्रीमद्भागवतपुराणम्    कर्माणि चित्तशुद्ध्यर्थं ऐकाग्र्यार्थमुपासना।  मोक्षार्थं ब्रह्मविज्ञानं इति वेदान्तडिण्डिमः।। २६।। वेदान्तडिण्डिमः    कर्मणा जायते भक्तिर्भक्त्या ज्ञानं प्रजायते । ज्ञानात्प्रजायते मुक्ति: इति शास्त्रेषु…

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“मैं पानी में हूँ, पर गीला नहीं हूँ |”

यस्याज्ञया जगतस्रष्टा विरंचिः पालको हरिः | संहर्ता कालरुद्राख्यो नमस्तस्यै पिनाकिने || —- स्कन्द पुराण अर्थ – जिनकी आज्ञा से ब्रह्मा जी इस जगत की सृष्टि तथा विष्णु भगवान् पालन करते हैं और जो स्वयं ही कालरूद्र नाम धारण करके इस विश्व का संहार करते हैं, उन पिनाकधारी भगवान् शंकर को नमस्कार है | अंतर्ध्यान –…

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