yog engineering

योग इंजीनियरिंग – Practical Yog

योग इंजीनियरिंग हमारे अंदर, बचपन से ही, कुछ बातें भरी जाती हैं या शायद हम उन बातों को सीख लेते हैं, जैसे कि अच्छा-ख़राब, सुन्दर-असुंदर, पाप-पुण्य, भला-बुरा, सही-गलत, अपना-पराया, मेरा-तेरा आदि | ये सब बातें, हमारे अंदर प्रोग्राम हो जाती हैं, हमारे चित्त में (शरीर के 24 तत्वों में से एक में) | हमारे जीवन…

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कालभीति का शिवजी से वाद विवाद

न जायते कुलम यस्य बीजशुद्धि बिना ततः | तस्य खादन पिबतृ वापि साधुः सांदति तत्क्षणात् || कालभीति एक बिल्व वृक्ष के नीचे एक पैर के अंगूठे के अग्र भाग पर खड़े हो मंत्रों का जाप करने लगे | जाप  का नियम ग्रहण करने के पश्चात वे सौ वर्षों तक जल कि एक एक बूँद पीकर रहे…

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दान की परिभाषा और प्रकार

द्विहेतु षड्धिष्ठानाम षडंगम च द्विपाक्युक् । चतुष्प्रकारं त्रिविधिम त्रिनाशम दान्मुच्याते ।। सन्दर्भ – राजा धर्म वर्मा दान का तत्व जानने की इच्छा से बहुत वर्षों तक तपस्या की, तब आकाशवाणी ने उनसे उपरोक्त श्लोक कहा । जिसका अर्थ है “दान के दो हेतु, छः अधिष्ठान, छः अंग, दो प्रकार के परिणाम (फल), चार प्रकार, तीन…

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