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अभिनन्दन शर्मा, प्रसिद्ध उपन्यास सीरिज "अघोरी बाबा की गीता" के लेखक हैं | इन्होने अपनी इंजीनीयरिंग ग्वालियर के आईटीएम कॉलेज से सन 2005 में पूर्ण की | अभी ये गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश में निवास करते हैं और दिल्ली में एक जापानी MNC में कार्यरत हैं |

खंडन 6 – द्रौपदी के पांच पति नहीं थे, एक था युधिष्ठिर

खंडन 6 – द्रौपदी के पांच पति नहीं थे, एक था युधिष्ठिर (इस विषय पर लिखी गयी, यशपाल आर्य की पुस्तक का खंडन) वैसे तो मैं कभी किसी भी व्यक्ति, जो शास्त्र के नाम पर भ्रम फैलाता है, उससे वास्ता नहीं रखता पर इस पुस्तक के बारे में सर्च करने पर ज्ञात हुआ कि एक…

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बालसंस्कारशाला 15

इस बार की बालसंस्कारशाला में राशिचक्र के बारे में बताया, कि कैसे 360 डिग्री का एक राशिचक्र होता है और 12 भागों (राशियों) में बाटंने से, एक राशि 30 अंश की हुई | सूर्य इन 12 राशियों में क्रम से जाता है (Geocentric and Heliocentric system भी समझाया गया), एक राशि से जब सूर्य दूसरी…

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बालसंस्कारशाला – 14

बालसंस्कारशाला (स्टोरीटेलिंग) – 12————————————— इस बार की बालसंस्कारशाला में बच्चों को ज्योतिष में से राशियाँ पढ़ाने के लिए, पहले कोण समझाया गया (बच्चे तीसरी कक्षा के थे तो कोण भी सही नहीं जानते थे) | वृत्त में ३६० डिग्री होते हैं, ये समझाना और फिर बताना कि पृथ्वी भी वृत्त में ही घूमती है अतः…

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नास्तिक कौन है ?

मेरे एक मित्र ने नास्तिकता पर एक पोस्ट की | उसमें नास्तिक होने की एक परिभाषा उन्होंने दी | आजकल वैसे भी सोशल मीडिया पर ये सबसे आम टॉपिक है | मैंने कहा कि वो परिभाषा गलत है | उनकी दी हुइ परिभाषा के अनुसार, नास्तिक लोग, किसी स्पष्ट प्रमाण के अभाव में, ईश्वर के…

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खंडन 5 – द्रौपदी के पांच पति थे या एक ?

खंडन 5 : द्रौपदी के पांच ही पति थे , न कि एक पति युधिष्ठिर ! पोस्ट (युधिष्ठिर को ही द्रौपदी का एकमात्र पति कहने वाली, इस भ्रामक पोस्ट की डिटेल्स नीचे कमेन्ट में है) पोस्ट बनाने वाले ने, सर्वप्रथम अंग्रेजों के भाषांतरण को गलत बताते हुए, ब्राहमण, पुजारी, पुरोहित अदि को दोषी ठहराते हुए,…

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अघोरी बाबा की गीता – भाग 58

बड़ा हुआ सो का हुआ….. “ये कोण नहीं होता है | जो कक्षाओं में टीचर पढ़ा रहे हैं, वो ये ही है जो तुमने बताया कि दो लाइन (पंक्तियाँ) जहाँ एक बिंदु पर आ कर मिले तो उसे कोण कहते हैं | ये गलत परिभाषा है, यदि मैं अध्यापक होता तो बताता की जब हम…

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शास्त्र ज्ञान सत्र 41

शास्त्र ज्ञान सत्र 41 में, निम्न विषयों पर चर्चा हुई | १. योग – इसमें चित्त की वृत्तियों को कैसे कण्ट्रोल करें (योगश्चित्त वृत्ति निरोधः – पतंजलि योगसूत्र) इस विषय पर आगे चर्चा की गयी | पिछली बार, भगवद्गीता में कृष्ण जी ने क्या तरीका बताया था, इस पर चर्चा की गयी थी और इस…

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क्या पांडवों ने युद्ध में अधर्म किया था ?

जब गांधारी को पता चला की युधिष्ठिर उससे मिलने को आ रहे हैं तो वो रोषपूर्ण आवेग में आ जाती है और युधिष्ठिर को श्राप देने को उद्यत हो जाती है | वेदव्यास जी ये भांप लेते हैं और तुरंत गांधारी को रोक देते हैं कि हे गांधारी ! तुम युधिष्ठिर को श्राप नहीं दोगी…

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राम ने वनवास ही क्यों चुना ? पांडवों की तरह अपना राज्य क्यों नहीं माँगा ?

रामायण में राम के वनवास का क्या मतलब है ! शास्त्रों को कैसे पढना चाहिए ! रामायण में राम की पितृ आज्ञा का पालन |

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कैकयी को वरदान, सही या गलत ?

राजा दशरथ ने कैकयी के तीनों वचन क्यों माने ? नहीं मानते तो कैकयी क्या कर लेती ? ऐसी क्या मजबूरी थी दशरथ की, जो उसे कैकयी के तीनों वर मानने ही पड़े ? रामायण को कैसे पढ़ें ? शास्त्रों को कैसे पढ़ें ? अपने शास्त्रों को पढ़ें, हम नहीं पढेंगे तो कौन पढ़ेगा ?…

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