April 23, 2024

आज से एक नयी सिरीज प्रारंभ कर रहा हूँ | इसमें रोज शास्त्र ज्ञान का एक वीडियो शेयर करूँगा | शास्त्र ज्ञान के अभी तक करीब 44 सत्र हो चुके हैं और उनमें से 22 सत्रों तक के वीडियो ऑनलाइन उपलब्ध हैं | ये वीडियो 15 -20 मिनट के वीडियो हैं, जिन्हें देखने में अधिक समय नहीं लगता है | आजकल हम रामायण देख रहे हैं, महाभारत देख रहे हैं लेकिन शास्त्रों केवल देखने, सुनने और पढने की चीज नहीं है बल्कि मथने की, चिन्तन का विषय होता है | दही को अगर मथा ही नहीं तो मक्खन कैसे निकलेगा ? शास्त्रों का यदि सम्यक चिन्तन नहीं किया तो फिर क्या लाभ ?

जैसे हमने देखा रामायण में, कैकयी ने वर मांगे और दशरथ ने वर दिए पर अगर दशरथ वो वर नहीं देता तो ? तो क्या हो जाता ? यदि कोई मांग अनुचित है, तो उसे मानना क्यों जरूरी था ? कोई शंकर भगवान् तो दशरथ जी थे नहीं, जिन्हें वर्षो की तपस्या से किसी ने प्रसन्न किया हो और उन्हें वर देना ही हो | यदि कोई वर, अनुचित था, प्रजा के विरुद्ध था, तो नहीं मानते !!! उठा कर जेल में डाल देते, कैकयी को तो कैकयी क्या कर लेती ? ऐसे ही एक प्रश्न पर विचार करता हुआ, शास्त्रज्ञान सत्र का ये वीडियो |

यदि पसंद आये तो अन्य ग्रुप्स में शेयर अवश्य करें और चैनल को सब्स्काइब कर लें ताकि यदि कोई नया वीडियो अपलोड हो तो आपको पता चल जाए | और हाँ, बेल आइकॉन अवश्य दबाएँ |

वीडियो का लिंक –

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page