ईश्वर है या नहीं, नन्दभद्र की कथा
ईश्वर का प्रतिपादन, नन्दभद्र की कथा बुद्धिश्च हायते पुंसां नाचैत्तगह समागमात |मध्यस्थेमध्यताम याति श्रेष्ठताम याति चौत्तमे || नारद जी कहते हैं – नन्दभद्र नाम का एक वणिक था | धर्मों के विषय में जो कुछ कहा गया है, उसमें कोई भी ऐसी बात नहीं थी, जो नन्दभद्र को ज्ञात न हो | किसी के साथ…