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कविता – कहानी, जो कह न सका

कहानी, जो कह न सका – कविता मैंने पूछा, बता क्या सुनेगी ? तेरे मन की व्यथा कैसे मिटेगी ? अमर कोषों का व्याख्यान सुनाऊं या शकुंतला की प्रेम व्यथा, कथा सुनाऊं, उस युवा की, जो शेरों से खेला बचपन में, या फिर सुनाऊं उस राजा को, राजमहल नहीं था जिसके मन में, जो बैठा…

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Tark shastra तर्कशास्त्र - न्याय शास्त्र, प्रमाण क्या होता है ? प्रमा के भेद

तर्कशास्त्र – न्याय शास्त्र, प्रमाण क्या होता है ? प्रमा के भेद

बचपन में दसवीं कक्षा में, गणित में हम लोग प्रमेय सिद्ध करते थे, पर तब कभी ध्यान नहीं दिया कि ये प्रमेय शब्द का क्या अर्थ होता है ? वास्तव में हम गणित कर रहे होते थे, पर तर्कशास्त्र के अनुसार ! प्रमेय माने होता है, वो वाक्य, वो विषय, जिसे तर्क से सिद्ध करना…

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लोक न्याय के प्रकार और प्रश्नोत्तर

जब हम बात करते हैं धर्म की, शास्त्र की तो केवल पुराण या उपनिषद तक ही रह जाते हैं जबकि वेद के दर्शन भी पढने आवश्यक हैं, जानने आवश्यक हैं क्योंकि इनसे हम और गहरा जान पाते हैं, चीजों को समझ पाते हैं | जैसे इस बार बात हुई, कुछ नए लोक न्याय की |…

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अघोरी बाबा की गीता aghori baba ki gita

अघोरी बाबा की गीता – भाग 74

अघोरी बाबा की गीता – अहिंसा क्या है ? क्या धर्म हिंसा तथैव च, शास्त्रोक्त है ? कहीं झूठ तो नहीं ? अहिंसा परमो धर्म कैसे ? #अघोरी_बाबा_की_गीता – 74 बगुला भेद न जानई, हंसा चुनी-चुनी खाई। “पहले हमें यह समझना चाहिए कि अहिंसा होता क्या है, जब हम अहिंसा को समझ पाएंगे तब ही…

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कर्मेन्द्रियाँ और ज्ञानेन्द्रियाँ क्या हैं ? – योग 2

योग – 2 पहले भाग में बताया था कि योग मतलब जोड़ना (भाग १) | अंदर से बाहर को जोड़ना ही योग है | जब हम पार्क में कुछ करने जाते हैं तो यदि हम अंदर से बाहर को नहीं जोड़ रहे हैं, तो वो कुछ भी हो सकता है, पर योग नहीं हो सकता…

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