लोकन्याय के प्रकार
लोग समझते हैं कि शास्त्रों में केवल कथा-कहानियाँ ही हैं पर ऐसा नहीं है | ऐसा मात्र वो कहते हैं, जिन्होंने शास्त्रों का अध्ययन नहीं किया है | जब आप सनातन दर्शन, वेदों के छहों अंगों की बात करते हैं तो उसमें न्याय दर्शन भी एक महत्वपूर्ण विषय है लेकिन अमूमन हम सनातन धर्म में,…