भगवान् है या नहीं ?

बुद्धिश्च हायते पुंसां नाचैत्तगह समागमात | मध्यस्थेमध्यताम याति श्रेष्ठताम याति चौत्तमे || नारद जी कहते हैं – नन्दभद्र नाम का एक वणिक था | धर्मों के विषय में जो कुछ कहा गया है, उसमें कोई भी ऐसी बात नहीं थी, जो नन्दभद्र को ज्ञात न हो | किसी के साथ उसका द्वेष नहीं था, न…

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नारद जी के दुसरे से पंचम प्रश्न का उत्तर

2. कौन द्विज पचीस वस्तुओं के बने हुए गृह को अच्छी तरह जानता है ? अब पच्चीस वस्तुओं से बने हुए गृह सम्बन्धी द्वितीय प्रश्न का उत्तर सुनिये । पांच महाभूत (पृथ्वी, जल, तेज, वायु और आकाश), पांच कर्मेन्द्रिय (वाक्, हाथ, पैर, गुदा और लिंग), पाँच ज्ञानेन्द्रियाँ (कान, नेत्र, रसना, नासिक और त्वचा), पाँच विषय…

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