आत्मा का भोजन और भोजन के प्रकार

ये कथा नारद जी के महिसागर संगम तीर्थ के ब्राह्मणों के विषय में हैं, जिन्हें नारद जी, सूर्य जी को बहुत ही उत्तम कुल के और श्रेष्ठ ब्राहमण बता रहे हैं | सूर्य भगवान ब्राहमण का रूप रख कर खुद ही उन ब्राह्मणों के ज्ञान की परीक्षा लेने के लिए चल पड़े | अतिथि (भगवान्…

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विभिन्न नरकों का वर्णन

पाताल के नीचे बहुत अधिक जल है और उसके नीचे नरकों की स्तिथि बताई गयी है । जिनमें पापी जीव गिराए जाते हैं । महामते ! उनका वर्णन सुनो – यों तो नरकों की संख्या पचपन करोड़ है; किन्तु उनमें रौरव से लेकर श्वभोजन तक इक्कीस प्रधान हैं । उनके नाम इस प्रकार हैं –…

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