योग क्या है और योग क्या नहीं है ?

पार्क में लोग आसन करते हैं, सुबह सुबह लाफ्टर योगा करते हैं, उसी की तर्ज पर, न्यूड योगा, पावर योगा, आदि प्रचलित होते जा रहे हैं | क्या ये सब वास्तव में योग ही हैं ? कहीं ऐसा तो नहीं कि जिसे हम योग समझ रहे हैं, वो योग हो ही न ! योग के…

Read More
thumbnail आत्मा क्या है ? मन, बुद्धि, इन्द्रियां कैसे काम करते हैं ? कर्मयोग और ज्ञानयोग क्या है ?

आत्मा क्या है ? मन, बुद्धि, इन्द्रियां कैसे काम करते हैं ? कर्मयोग और ज्ञानयोग क्या है ?

आत्मा क्या है ? मन, बुद्धि, इन्द्रियां कैसे काम करते हैं ? कर्मयोग और ज्ञानयोग क्या है ? भारतीय धर्म/दर्शन को लेकर, आमजन के अंदर अनेकों जिज्ञासा होती हैं पर व्हाट्सप्प और सोशल मिडिया के जमाने में, उस जिज्ञासा का अंत, किसी अधकचरी चीज पर जाकर हो जाता है अथवा वो जिज्ञासा स्वयं ही मर…

Read More
योग योगासन कर्मेन्द्रियाँ

ज्ञानेन्द्रियाँ क्या हैं और कर्मेन्द्रियाँ क्या ? – योग 2

योग – 2 पहले भाग में बताया था कि योग मतलब जोड़ना (भाग १) | अंदर से बाहर को जोड़ना ही योग है | जब हम पार्क में कुछ करने जाते हैं तो यदि हम अंदर से बाहर को नहीं जोड़ रहे हैं, तो वो कुछ भी हो सकता है, पर योग नहीं हो सकता…

Read More
अघोरी बाबा की गीता aghori baba ki gita

अघोरी बाबा की गीता – 129

अघोरी बाबा की गीता : बाहर से भीतर की ओर….. आशा है, अब तुम मन, बुद्धि और चित्त में स्पष्ट हो गए होगे और ये किस प्रकार और क्या क्या कार्य करते हैं, इसे समझ गये होगे ! – बाबा ने मुझे तौलने की दृष्टि से देखा कि मेरी मोटी बुद्धि में क्या घुसा और…

Read More

ब्रह्माण्ड और पृथ्वी की परिकल्पना

स्कन्द जी ने अर्जुन को ब्रह्माण्ड के बारे में ऐसा कहा है कुंतीनंदन ! सृष्टि से पहले यहाँ सब कुछ अव्यक्त एवं प्रकाश शून्य था । उस अव्याकृत अवस्था में प्रकृति और पुरुष – ये दो अजन्मा (जन्मरहित) एक दूसरे से मिल कर एक हुए, यह हम सुना करते हैं । तत्पश्चात अपने स्वरूपभूत स्वभाव …

Read More

नारद जी के दुसरे से पंचम प्रश्न का उत्तर

2. कौन द्विज पचीस वस्तुओं के बने हुए गृह को अच्छी तरह जानता है ? अब पच्चीस वस्तुओं से बने हुए गृह सम्बन्धी द्वितीय प्रश्न का उत्तर सुनिये । पांच महाभूत (पृथ्वी, जल, तेज, वायु और आकाश), पांच कर्मेन्द्रिय (वाक्, हाथ, पैर, गुदा और लिंग), पाँच ज्ञानेन्द्रियाँ (कान, नेत्र, रसना, नासिक और त्वचा), पाँच विषय…

Read More

You cannot copy content of this page