क्या पांडवों ने युद्ध में अधर्म किया था ?
जब गांधारी को पता चला की युधिष्ठिर उससे मिलने को आ रहे हैं तो वो रोषपूर्ण आवेग में आ जाती है और युधिष्ठिर को श्राप देने को उद्यत हो जाती है | वेदव्यास जी ये भांप लेते हैं और तुरंत गांधारी को रोक देते हैं कि हे गांधारी ! तुम युधिष्ठिर को श्राप नहीं दोगी…