कमठ द्वारा शरीर वर्णन

भगवान् सूर्य बोले – वत्स कमठ ! तुम्हारी बुद्धि तो वृद्धों जैसी है | तुम बहुत अच्छा प्रतिपादन कर रहे हो | अब मैं तुमसे शरीर का लक्षण सुनना चाहता हूँ; उसे बताओ | कमठ ने कहा – विप्रवर ! जैसा यह ब्रह्माण्ड है, वैसा ही यह शरीर भी बताया गया है | पैरों का…

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आत्मा का भोजन और भोजन के प्रकार

ये कथा नारद जी के महिसागर संगम तीर्थ के ब्राह्मणों के विषय में हैं, जिन्हें नारद जी, सूर्य जी को बहुत ही उत्तम कुल के और श्रेष्ठ ब्राहमण बता रहे हैं | सूर्य भगवान ब्राहमण का रूप रख कर खुद ही उन ब्राह्मणों के ज्ञान की परीक्षा लेने के लिए चल पड़े | अतिथि (भगवान्…

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