बालसंस्कारशाला 17

इस बार की बच्चों को पहले बेसिक ध्यान और फिर प्राणायाम कराया गया | तर्कमुद्रा बताई गयी | प्राणायाम क्यों करना चाहिए, ये बताया गया ! उनको बताया गया कि जैसे दीपक में घी खत्म होने पर दीपक बुझ जाता है, ऐसे ही हमारे साँसे पूरी होने पर, हमारा ये जीवन समाप्त हो जाता है…

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ज्योतिष अध्याय 1

ज्योतिष अध्ययन पहले ये वीडियो देखें, फिर आगे पढ़ें | लोकानामन्तकृत्कालः कालोन्यः कल्नात्मकः |स द्विधा स्थूल सुक्ष्मत्वान्मूर्त श्चामूर्त उच्यते || अर्थात – एक प्रकार का काल संसार का नाश करता है और दूसरे प्रकार का कलानात्मक है अर्थात जाना जा सकता है | यह भी दो प्रकार का होता है (१) स्थूल और (२) सूक्ष्म…

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नवग्रहों की स्थिति एवं विभिन्न पातालों का वर्णन

नारद जी ने कहा – कुरुश्रेष्ठ ! भूमि से लाख योजन ऊपर सूर्य मंडल है । भगवान् सूर्य के रथ का विस्तार नौ सहस्त्र योजन है । इसकी धुरी डेढ़ करोड़ साढ़े सात लाख योजन की है । वेद  के जो सात छंद हैं वे ही सूर्य के रथ के सात अश्व हैं । उनके नाम सुनो –…

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