Part 5 difference among Ahankar Abhiman and Ghamand अहंकार, अभिमान और घमंड में क्या अंतर है ?

अहंकार, अभिमान और घमंड में क्या अंतर है ?

प्रकृति तीन गुणों वाली होती है तो प्रकृति से बना सब कुछ भी तीन प्रकार का होगा | बहुधा, लोग अभिमान, घमंड और अहंकार – तीनो का एक ही अर्थ कर देते हैं लेकिन तीनों एक नहीं होते हैं | कोई भी दो शब्दों का अर्थ एक हो ही नहीं सकता है, जैसे चन्द्रमा को…

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images 1 योग 4

योग 4

योग – 4 अभी तक हमने, योग क्या है और योग क्या नहीं है, इसकी बात की | 5 ज्ञानेन्द्रियों, 5 महाभूत और तन्मान्त्राओं के बारे में जाना | अब इससे थोडा और गहरे जाते हैं | सो बात करते हैं, इन तन्मात्राओं के नाम की | ये पाँचों तन्मात्राओं के नाम हैं – शब्द,…

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योग योगासन कर्मेन्द्रियाँ

ज्ञानेन्द्रियाँ क्या हैं और कर्मेन्द्रियाँ क्या ? – योग 2

योग – 2 पहले भाग में बताया था कि योग मतलब जोड़ना (भाग १) | अंदर से बाहर को जोड़ना ही योग है | जब हम पार्क में कुछ करने जाते हैं तो यदि हम अंदर से बाहर को नहीं जोड़ रहे हैं, तो वो कुछ भी हो सकता है, पर योग नहीं हो सकता…

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ब्रह्माण्ड और पृथ्वी की परिकल्पना

स्कन्द जी ने अर्जुन को ब्रह्माण्ड के बारे में ऐसा कहा है कुंतीनंदन ! सृष्टि से पहले यहाँ सब कुछ अव्यक्त एवं प्रकाश शून्य था । उस अव्याकृत अवस्था में प्रकृति और पुरुष – ये दो अजन्मा (जन्मरहित) एक दूसरे से मिल कर एक हुए, यह हम सुना करते हैं । तत्पश्चात अपने स्वरूपभूत स्वभाव …

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