अग्नि

देवताओं को भोग कैसे लगाते हैं ?

देवताओं को भोग कैसे लगाते हैं ? क्या आपने कभी भगवन को अपने सामने भोग लगाते हुए देखा है ? कभी सोचा है हम घी का दीपक क्यों जलाते हैं, मंदिर में ? रौशनी के लिए ? ईश्वर को प्रकाश दिखाने के लिए ? क्या ये संभव है कि हम दीपक से, दिन में भगवान्…

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kavya shastra 1 शब्द अलंकार का महत्व और पुनुरुक्ति अलंकार

शब्द अलंकार का महत्व और पुनुरुक्ति अलंकार

हम लोगों को लगता है कि काव्य को जानकार क्या करेंगे ? काव्य में गहराई न पता हो, अलंकार न पता हो तो क्या फर्क पड़ जाएगा पर ऐसा नहीं है | जब हमें किसी कला की जानकारी ही नहीं होगी तो हम उसका आनद ही नहीं ले पाएंगे | उसके रस में नहीं डूब…

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image 1 कविता - कहानी, जो कह न सका

कविता – कहानी, जो कह न सका

कहानी, जो कह न सका – कविता मैंने पूछा, बता क्या सुनेगी ? तेरे मन की व्यथा कैसे मिटेगी ? अमर कोषों का व्याख्यान सुनाऊं या शकुंतला की प्रेम व्यथा, कथा सुनाऊं, उस युवा की, जो शेरों से खेला बचपन में, या फिर सुनाऊं उस राजा को, राजमहल नहीं था जिसके मन में, जो बैठा…

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jyotish 4 ज्योतिष और आयुर्वेद का जादुई सम्बन्ध

ज्योतिष और आयुर्वेद का जादुई सम्बन्ध

ज्योतिष और आयुर्वेद का गहरा सम्बन्ध है | जो आयुर्वेदाचार्य ज्योतिष नहीं जानता और जो ज्योतिषी आयुर्वेद नहीं जानता, वो दोनों ही अपनी विद्या में पूर्णता नहीं प्राप्त कर पाते | एक छोटा सा उदाहरण देता हूँ, शनि का तत्व बताया गया है, वायु | जिसकी कुंडली में शनि से कष्ट है, उसको वायुजनित रोग…

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Vedas वेद क्या है ? जानिये वेदों के बारे में

वेद क्या है ? जानिये वेदों के बारे में

वेद क्या है ? क्या कोई पुस्तक या पुस्तकों का संग्रह या तात्विक ज्ञान ? वेद से अर्थ तात्विक और सत्य सनातन ज्ञान से ही है । इस ज्ञान में कुछ विशेष प्रक्रियाओं को करने का तरीका, दार्शनिक विषयों पर चर्चा, मन्त्रों का संकलन, तात्विक और प्राकृतिक घटनाओं और ज्ञान को इंगित करती कथाएं और…

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image हिंदी में उर्दू का नुक्ता - सही या गलत ?

हिंदी में उर्दू का नुक्ता – सही या गलत ?

आजकल स्कूलों में पढ़ाई जाने वाली हिंदी की किताबों में उर्दू के शब्द देख कर दिल जल जाता है । अरे भाई, जब किताब हिंदी की है, बच्चों को हिंदी पढ़ाने के लिए है तो वहां नुक्ते का क्या काम ?? आज कल का बच्चा सही से फल नहीं बोल सकता, फुम फुम फुल्लार शब्दम्…

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शास्त्र ज्ञान सत्र 2.3

आज शास्त्रज्ञान सत्र बड़ों के लिए क्यों किया जाता है, इसके बारे मे विस्तार से बताया | इसको पूरा आज के वीडियो में सुना जा सकता है | उसके बाद बृहदारण्यक उपनिषद (2.4.5) से कुछ श्लोक पढ़ाये –न वा अरे पत्युः कामाय पतिः प्रियो भवत्यात्मनस्तु कामाय पतिः प्रियो भवति,न वा अरे जायायै कामाय जाया प्रिया…

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संस्कारशाला 2.7

इस बार की संस्कारशाला में, बच्चों को पुराने शास्त्रों के हिसाब से, कोडिंग (कूटशब्द) सिखाये | उसमें उदाहरण दिया – कर नभ रस और आत्मा सम्वत फाल्गुन माससुकल पच्छ, तिथि चौथ रवि जेहि दिन ग्रन्थ प्रकास | यहाँ कवि ने इसी कूटभाषा (कोडिंग) का प्रयोग किया है | कर (2 ), नभ (0), रस (6)…

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