कविता – कहानी, जो कह न सका
कहानी, जो कह न सका – कविता मैंने पूछा, बता क्या सुनेगी ? तेरे मन की व्यथा कैसे मिटेगी ? अमर कोषों का व्याख्यान सुनाऊं या शकुंतला की प्रेम व्यथा, कथा सुनाऊं, उस युवा की, जो शेरों से खेला बचपन में, या फिर सुनाऊं उस राजा को, राजमहल नहीं था जिसके मन में, जो बैठा…