शास्त्र ज्ञान सत्र 2.3

आज शास्त्रज्ञान सत्र बड़ों के लिए क्यों किया जाता है, इसके बारे मे विस्तार से बताया | इसको पूरा आज के वीडियो में सुना जा सकता है | उसके बाद बृहदारण्यक उपनिषद (2.4.5) से कुछ श्लोक पढ़ाये –न वा अरे पत्युः कामाय पतिः प्रियो भवत्यात्मनस्तु कामाय पतिः प्रियो भवति,न वा अरे जायायै कामाय जाया प्रिया…

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संस्कारशाला 2.7

इस बार की संस्कारशाला में, बच्चों को पुराने शास्त्रों के हिसाब से, कोडिंग (कूटशब्द) सिखाये | उसमें उदाहरण दिया – कर नभ रस और आत्मा सम्वत फाल्गुन माससुकल पच्छ, तिथि चौथ रवि जेहि दिन ग्रन्थ प्रकास | यहाँ कवि ने इसी कूटभाषा (कोडिंग) का प्रयोग किया है | कर (2 ), नभ (0), रस (6)…

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