गीता के पहले श्लोक का अर्थ

गीता के पहले श्लोक का गूढ़ अर्थ और त्रिगुणात्मकः प्रकृतिः का क्या अर्थ है ?

हम बहुत सी बातें सुनते हैं, जैसे कि त्रिगुणात्मकः प्रकृतिः पर क्या हम उन बातों की गूढ़ता को समझते भी हैं ? क्या अर्थ है, इस छोटी सी पंक्ति का ? प्रकृति त्रिगुण वाली कैसे है ? कहीं कोई व्याख्या तो अवश्य होगी, क्या है वो ? ऐसे ही गीता को सब पढते हैं, पर…

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चिंता से मुक्ति

चिंता से मुक्ति कैसे पाएं, आसान उपाय – #शास्त्रज्ञान

मनुष्य जीवित है तो चिंता अवश्य होगी ! ऐसा कोई मनुष्य नहीं हो सकता, जिसे चिंता नहीं होती हो लेकिन चिंता ही, यदि सही से हैंडल न की जाए अवसाद बन जाती है, जिसे हम स्ट्रेस के नाम से भी जानते हैं | यही स्ट्रेस यदि बढ़ जाए, तो व्यक्ति आत्महत्या तक के प्रयास कर…

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शरीर के प्रकार

शरीर कितने प्रकार का होता है ? – भगवद्गीता

हमें ईश्वर चाहिए, पर क्या सच में इसके लिए संसार छोड़ना पड़ेगा ? या कुछ और त्यागना पड़ेगा ? क्या रामचंद्र जी, सब कुछ त्याग कर सन्यासी हो गए थे या कृष्ण जी या अर्जुन, या युधिष्ठिर, या कोई और ? किसी ने भी संसार नहीं त्यागा ! क्या ऋषियों ने विवाह नहीं किये थे…

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